सोमवार 29 जून 2026 - 18:01
शहीद नेता के जनाज़े में जनता की भव्य उपस्थिति दुश्मनों की योजनाओं को विफल कर देगी

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन इस्तिवार मिमंदी ने स्पष्ट किया: शहीद नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेेनई के जनाज़े में जनता की भव्य उपस्थिति जनता और इमाम-ए-उम्मत के बीच गहरे संबंध का स्पष्ट प्रतीक है, इस्लामी क्रांति के आदर्शों के प्रति पुनः बैअत है और विलायत के प्रति वफादारी की घोषणा है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार,  हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन इस्तिवार मिमंदी ने स्पष्ट किया: शहीद नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेेनई के जनाज़े में जनता की भव्य उपस्थिति जनता और इमाम-ए-उम्मत के बीच गहरे संबंध का स्पष्ट प्रतीक है, इस्लामी क्रांति के आदर्शों के प्रति पुनः बैअत है और विलायत के प्रति वफादारी की घोषणा है।

मोहर्रम के दिनों और हज़रत अबा अब्दिल्लाह अल-हुसैन (अ) की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होने कहा कि ईरानी राष्ट्र इन दिनों शोक मनाते हुए शहीद इमाम-ए-उम्मत के भव्य और विशाल जनाज़े में भाग लेने की तैयारी कर रहा है। ईरान की जनता ने इस्लामी क्रांति के विभिन्न चरणों में हमेशा प्रभावी और निर्णायक भूमिका निभाई है। राष्ट्र ने बार-बार साबित किया है कि जब भी वह समझदारी और एकता के साथ मैदान में उतरा है, उसने दुश्मनों की सभी योजनाओं और साज़िशों को विफल कर दिया है।

उन्होंने 1989 में इमाम ख़ुमैनी (र) के जनाज़े का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक थी, जिसमें करोड़ों लोगों की उपस्थिति ने जनता की अपने नेता के प्रति वफादारी और इमाम व उम्मत के पारस्परिक प्रेम को दर्शाया।

हुज्जतुल इस्लाम मिमंदी ने कहा कि स्वाभाविक रूप से शहीद नेता के जनाज़े में इससे भी अधिक बड़ी भीड़ शामिल होगी, और यह इसीलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दुश्मन हमेशा ऐसे अवसरों पर जनता की भागीदारी को बारीकी से देखता और उसका आकलन करता है। जनता की व्यापक, उत्साही और जागरूक उपस्थिति एकता, वफादारी और ईरानी राष्ट्र की दृढ़ता का स्पष्ट संदेश देगी और दुश्मनों की सभी गणनाओं को विफल कर देगी।

उन्होंने कहा कि यह भव्य उपस्थिति एक बार फिर विलायत और नेतृत्व के इर्द-गिर्द राष्ट्रीय एकता को दर्शाएगी। जनता यह संदेश देगी कि वह अपने नेता, अपने देश और इस्लामी व्यवस्था से प्रेम करती है।

हुज्जतुल इस्लाम मिमंदी के अनुसार आज ईरान एक प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में खड़ा है, जो अपनी क्षमताओं के आधार पर बड़े शक्तिशाली देशों का सामना कर रहा है। यह सब शहीद नेता की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। दुश्मन ईरान को कमजोर करना चाहते थे, लेकिन देश की तैयारी और नेतृत्व की रणनीति ने उनकी सभी योजनाओं को विफल कर दिया।

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